अथर्ववेद - काण्ड 19/ सूक्त 67/ मन्त्र 1
सूक्त - ब्रह्मा
देवता - सूर्यः
छन्दः - प्राजापत्या गायत्री
सूक्तम् - दीर्घायु सूक्त
पश्ये॑म श॒रदः॑ श॒तम् ॥
स्वर सहित पद पाठपश्ये॑म। श॒रदः॑। श॒तम् ॥६७.१॥
स्वर रहित मन्त्र
पश्येम शरदः शतम् ॥
स्वर रहित पद पाठपश्येम। शरदः। शतम् ॥६७.१॥
अथर्ववेद - काण्ड » 19; सूक्त » 67; मन्त्र » 1
Subject - For long life and prosperity -
Translation -
Through a hundred autumns may we see.