अथर्ववेद - काण्ड 19/ सूक्त 23/ मन्त्र 28
सूक्त - अथर्वा
देवता - मन्त्रोक्ताः
छन्दः - दैवी जगती
सूक्तम् - अथर्वाण सूक्त
म॑ङ्गलि॒केभ्यः॒ स्वाहा॑ ॥
स्वर सहित पद पाठम॒ङ्ग॒लि॒केभ्यः॑। स्वाहा॑ ॥२३.२८॥
स्वर रहित मन्त्र
मङ्गलिकेभ्यः स्वाहा ॥
स्वर रहित पद पाठमङ्गलिकेभ्यः। स्वाहा ॥२३.२८॥
अथर्ववेद - काण्ड » 19; सूक्त » 23; मन्त्र » 28