अथर्ववेद - काण्ड 19/ सूक्त 23/ मन्त्र 15
सूक्त - अथर्वा
देवता - मन्त्रोक्ताः
छन्दः - प्राजापत्या गायत्री
सूक्तम् - अथर्वाण सूक्त
अ॑ष्टादश॒र्चेभ्यः॒ स्वाहा॑ ॥
स्वर सहित पद पाठअ॒ष्टा॒द॒श॒ऽऋ॒चेभ्यः॑। स्वाहा॑ ॥२३.१५॥
स्वर रहित मन्त्र
अष्टादशर्चेभ्यः स्वाहा ॥
स्वर रहित पद पाठअष्टादशऽऋचेभ्यः। स्वाहा ॥२३.१५॥
अथर्ववेद - काण्ड » 19; सूक्त » 23; मन्त्र » 15
Translation -
Svaha to the eighteen-versed ones.