अथर्ववेद - काण्ड 19/ सूक्त 23/ मन्त्र 29
सूक्त - अथर्वा
देवता - मन्त्रोक्ताः
छन्दः - दैवी पङ्क्तिः
सूक्तम् - अथर्वाण सूक्त
ब्र॒ह्मणे॒ स्वाहा॑ ॥
स्वर सहित पद पाठब्र॒ह्मणे॑। स्वाहा॑ ॥२३.२९॥
स्वर रहित मन्त्र
ब्रह्मणे स्वाहा ॥
स्वर रहित पद पाठब्रह्मणे। स्वाहा ॥२३.२९॥
अथर्ववेद - काण्ड » 19; सूक्त » 23; मन्त्र » 29
Translation -
Svaha to the Divine supreme.