अथर्ववेद - काण्ड 20/ सूक्त 132/ मन्त्र 1
सूक्त -
देवता - प्रजापतिः
छन्दः - प्राजापत्या गायत्री
सूक्तम् - कुन्ताप सूक्त
आदला॑बुक॒मेक॑कम् ॥
स्वर सहित पद पाठआत् । अला॑बुक॒म् । एक॑कम् ॥१३२.१॥
स्वर रहित मन्त्र
आदलाबुकमेककम् ॥
स्वर रहित पद पाठआत् । अलाबुकम् । एककम् ॥१३२.१॥
अथर्ववेद - काण्ड » 20; सूक्त » 132; मन्त्र » 1
भाषार्थ -
(आत्) तदनन्तर (अलाबुकम्) तूम्बे के सदृश तैरानेवाला, अर्थात् भवसागर से तैरानेवाला (एककम्) एक ब्रह्म ही है।